पिथौरागढ़। 55वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश की। बुधवार सुबह “डी” समवाय, जमतरी के अंतर्गत ग्राम जमतरी निवासी लक्ष्मण सिंह की पत्नी कलछा देवी (लगभग 60 वर्ष) की अचानक तबीयत बिगड़ गई। गांव से मुख्य सड़क तक पहुंचाना मुश्किल होने पर स्थानीय सरपंच ने एसएसबी से मदद मांगी।

पिथौरागढ़। 55वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश की। बुधवार सुबह “डी” समवाय, जमतरी के अंतर्गत ग्राम जमतरी निवासी लक्ष्मण सिंह की पत्नी कलछा देवी (लगभग 60 वर्ष) की अचानक तबीयत बिगड़ गई। गांव से मुख्य सड़क तक पहुंचाना मुश्किल होने पर स्थानीय सरपंच ने एसएसबी से मदद मांगी।

एसएसबी ने इस मानवीय कार्य के माध्यम से अपने ध्येय वाक्य “सेवा, सुरक्षा और बंधुत्व” को एक बार फिर सार्थक किया। बल ने साबित किया कि सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ आपदा और आपात स्थिति में स्थानीय लोगों की सहायता के लिए भी वह हमेशा तत्पर रहता है।ध्येय वाक्य “सेवा, सुरक्षा और बंधुत्व” को एक बार फिर सार्थक किया। बल ने साबित किया कि सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ आपदा और आपात स्थिति में स्थानीय लोगों की सहायता के लिए भी वह हमेशा तत्पर रहता है।

इस सराहनीय कार्य के लिए क्षेत्रीय लोगों ने एसएसबी के जवानों की प्रशंसा करते हुए उनका आभार व्यक्त किया